
Publication Standards and Ethics
डबल ब्लाइंड पीयर रिव्यू
लेखक एवं समीक्षक दोनों की पहचान गोपनीय रखी जाती है, ताकि मूल्यांकन केवल शोध की गुणवत्ता, मौलिकता, पद्धति, तर्क, निष्कर्ष और अकादमिक योगदान के आधार पर हो।
मौलिकता सुनिश्चित
10% से अधिक समानता वाले पत्र सामान्यतः अस्वीकार्य माने जाएंगे और संपादकीय परीक्षण के आधार पर अस्वीकृत किए जा सकते हैं।
मुक्त अभिगम
सभी शोध-पत्र निःशुल्क उपलब्ध हैं, जिससे शोध का प्रसार व्यापक पाठक-वर्ग तक पहुँच सके और ज्ञान का लोकतंत्रीकरण हो।
डबल ब्लाइंड पीयर रिव्यू
लेखक एवं समीक्षक दोनों की पहचान गोपनीय रखी जाती है, ताकि मूल्यांकन केवल शोध की गुणवत्ता, मौलिकता, पद्धति, तर्क, निष्कर्ष और अकादमिक योगदान के आधार पर हो। यह व्यवस्था पक्षपात की संभावना को कम करती है, निष्पक्ष निर्णय को बढ़ावा देती है और समीक्षकों को स्वतंत्र रूप से रचनात्मक, विस्तृत तथा ईमानदार सुझाव देने में सहायता करती है।
मौलिकता सुनिश्चित
10% से अधिक समानता वाले पत्र अस्वीकृत किए जाएंगे। मौलिकता का अर्थ केवल शब्दों की नई रचना नहीं, बल्कि स्वतंत्र विचार, उचित उद्धरण और पूर्ववर्ती कार्यों का स्पष्ट संदर्भ है। समानता जाँच के दौरान उद्धृत अंश, संदर्भ सूची, मानक ग्रंथसूची प्रविष्टियाँ और आवश्यक तकनीकी वाक्यांशों को अलग रूप से देखा जाता है, ताकि वास्तविक शैक्षणिक योगदान का न्यायसंगत मूल्यांकन हो सके।
मुक्त अभिगम
सभी शोध-पत्र निःशुल्क उपलब्ध हैं, जिससे शोध का प्रसार व्यापक पाठक-वर्ग तक पहुँच सके और ज्ञान का लोकतंत्रीकरण हो। मुक्त अभिगम नीति का उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों, शिक्षकों, नीति-निर्माताओं और आम पाठकों के लिए बिना किसी बाधा के वैज्ञानिक एवं सामाजिक शोध तक पहुँच सुनिश्चित करना है।
शोध नैतिकता
पत्रिका अकादमिक ईमानदारी, पारदर्शिता एवं मौलिकता के सिद्धांतों के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। प्रत्येक प्रस्तुत पांडुलिपि से अपेक्षा की जाती है कि वह शोध-प्रक्रिया में सत्यनिष्ठा बनाए रखे, डेटा और निष्कर्षों का सटीक प्रस्तुतिकरण करे तथा किसी भी प्रकार के निर्माण, हेरफेर, अनधिकृत प्रतिलिपि या भ्रामक प्रस्तुति से मुक्त हो।
लेखक यह सुनिश्चित करें कि अनुसंधान में मानव प्रतिभागियों, साक्षात्कारों, सर्वेक्षणों या संवेदनशील डेटा के उपयोग की स्थिति में आवश्यक नैतिक स्वीकृति, सूचित सहमति और गोपनीयता मानकों का पालन किया गया हो।
पत्रिका का नैतिक दृष्टिकोण यह मानता है कि शोध केवल प्रकाशित होने के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान-निर्माण में विश्वसनीय योगदान देने के लिए किया जाना चाहिए। इसलिए लेखकों से अपेक्षा की जाती है कि वे सह-लेखकत्व, हितों के टकराव, वित्तीय सहयोग, डेटा उपलब्धता और संदर्भों के उपयोग के बारे में पूर्ण पारदर्शिता रखें।
किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर पांडुलिपि को अस्वीकार किया जा सकता है या आगे की समीक्षा से हटाया जा सकता है।
DOI एवं CrossRef
सभी शोध-पत्र डिजिटल ऑब्जेक्ट आइडेंटिफायर (DOI) एवं CrossRef सदस्यता के अनुरूप प्रकाशित किए जाते हैं, जिससे प्रत्येक लेख को स्थायी, विश्वसनीय और उद्धृत करने योग्य डिजिटल पहचान प्राप्त होती है। DOI न केवल लेख तक दीर्घकालिक पहुँच सुनिश्चित करता है, बल्कि ट्रैकिंग, उद्धरण प्रबंधन और अकादमिक खोजयोग्यता को भी सुदृढ़ बनाता है।
CrossRef मानकों के अनुसार मेटाडेटा का सही पंजीकरण यह सुनिश्चित करता है कि लेख अनेक डेटाबेस और संदर्भ-प्रणालियों में सुचारु रूप से उपलब्ध हो सके।
प्लेगरिज़्म जाँच
प्राप्त सभी शोध-पत्र प्लेगरिज़्म जाँच सॉफ्टवेयर से परीक्षण के उपरांत ही समीक्षा हेतु भेजे जाएंगे। यह प्रारंभिक जाँच एक अनिवार्य संपादकीय चरण है, जिसका उद्देश्य पाठ्य-समानता, अनुचित प्रतिलिपि और संभावित आत्म-नकल की पहचान करना है। जाँच प्रक्रिया में लेख के मुख्य पाठ, तालिकाएँ, चित्र-शीर्षक और संदर्भीय अंशों का विश्लेषण किया जाता है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सामग्री कहाँ मौलिक है और कहाँ पुनः उपयोग किया गया पाठ मौजूद है।
उद्धृत सामग्री एवं संदर्भ सूची को समानता प्रतिशत में शामिल नहीं किया जाएगा। जहाँ उचित उद्धरण, उद्धरण-चिह्न या मानक संदर्भ दिए गए हों, उन्हें शैक्षणिक परंपरा के अनुरूप वैध माना जाएगा। फिर भी, यदि किसी खंड में अत्यधिक समानता, अनुचित पुनर्लेखन या स्रोत-स्वीकृति की कमी पाई जाती है, तो संपादकीय टीम लेखक से संशोधन का अनुरोध कर सकती है या लेख को अस्वीकृत कर सकती है।
10% से अधिक समानता को सामान्यतः अस्वीकार्य माना जाएगा, हालाँकि अंतिम निर्णय संदर्भ, विषय-वस्तु और समानता की प्रकृति के आधार पर संपादकीय विवेक से लिया जाएगा।
लेखकों की नैतिक जिम्मेदारी
लेखकों से अपेक्षा है कि वे मूल विचारों को स्पष्ट रूप से चिह्नित करें, अन्य स्रोतों से लिए गए तथ्य, अवधारणाएँ, उद्धरण और परिभाषाएँ उचित ढंग से संदर्भित करें तथा आवश्यकता होने पर पुनर्लेखन या अनुमति-आधारित पुनर्प्रकाशन का सहारा लें। इस नीति का उद्देश्य दंडात्मकता नहीं, बल्कि शोध गुणवत्ता, शैक्षणिक भरोसे और नैतिक प्रकाशन संस्कृति को मजबूत करना है।
हमारी प्रकाशन प्रतिबद्धता
पत्रिका का उद्देश्य केवल शोध-पत्रों का प्रकाशन करना नहीं, बल्कि एक ऐसी विश्वसनीय और नैतिक अकादमिक प्रकाशन संस्कृति को बढ़ावा देना है जिसमें मौलिकता, निष्पक्ष समीक्षा, पारदर्शिता, शोध नैतिकता, मुक्त अभिगम और दीर्घकालिक अकादमिक विश्वसनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।